घनसाली/टिहरी गढ़वाल। उत्तराखण्ड के लिए जम्मू-कश्मीर से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। भारतीय सेना में तैनात टिहरी गढ़वाल जनपद के युवा सैनिक रोहित रावत मां भारती की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। उनके शहीद होने की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोहित रावत भारतीय सेना की 20 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वह टिहरी गढ़वाल जिले के घनसाली क्षेत्र स्थित मेन्डू सिन्दवाल गांव के निवासी थे। महज 21 वर्ष की आयु में देश की सेवा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान देकर राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा और वीरता का परिचय दिया।
जैसे ही उनके शहीद होने की सूचना गांव पहुंची, परिवार समेत पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया।
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रोहित रावत की शहादत से जहां पूरे क्षेत्र में गहरा दुख है, वहीं लोगों को अपने वीर बेटे पर गर्व भी है। ग्रामीणों का कहना है कि रोहित ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर उत्तराखण्ड और अपने गांव का नाम पूरे देश में गौरवान्वित किया है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि रोहित रावत बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे और भारतीय सेना में भर्ती होकर उन्होंने अपने सपने को साकार किया। उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
शहीद जवान के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन एवं सेना की ओर से आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी शोक व्यक्त करते हुए शहीद के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
पूरे उत्तराखण्ड में उनके बलिदान को लेकर शोक और सम्मान का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी लोग वीर जवान रोहित रावत को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और उनके बलिदान को नमन कर रहे हैं।
“शहीद रोहित रावत अमर रहें” तथा “भारत माता की जय” के उद्घोषों के साथ क्षेत्रवासी अपने वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
देश की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उत्तराखण्ड और भारतवर्ष को अपने इस वीर सपूत पर गर्व है।
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