बद्रीनाथ/चमोली। उत्तराखंड पुलिस ने एक बार फिर अपनी ईमानदारी और जनसेवा की भावना का परिचय देते हुए एक श्रद्धालु की खोई हुई खुशी वापस लौटा दी। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए बदरीनाथ धाम पहुंची श्रद्धालु रुक्मणी तिवारी उस समय परेशान हो गईं, जब मंदिर परिसर में उनका पर्स कहीं खो गया।
बताया जा रहा है कि पर्स में लगभग ₹5000 नकद सहित अन्य आवश्यक सामान रखा हुआ था। दर्शन के दौरान पर्स गुम होने की जानकारी मिलते ही श्रद्धालु ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इससे उनकी चिंता और बढ़ गई।
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इसी बीच मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल दिवाकर सती और कांस्टेबल हरीश को एक लावारिस पर्स मिला। दोनों पुलिसकर्मियों ने जिम्मेदारी और ईमानदारी का परिचय देते हुए पर्स की वास्तविक स्वामिनी की पहचान करने का प्रयास शुरू किया। काफी तलाश और पूछताछ के बाद उन्होंने पर्स की मालिक रुक्मणी तिवारी का पता लगा लिया।
इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों ने पर्स को उसमें रखी पूरी नकदी और सामान सहित सुरक्षित रूप से श्रद्धालु को वापस सौंप दिया। अपना खोया हुआ पर्स वापस मिलने पर रुक्मणी तिवारी के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की सराहना करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त किया।
यह घटना न केवल उत्तराखंड पुलिस की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि देवभूमि में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस हर समय तत्पर रहती है। श्रद्धालु के चेहरे पर लौटी मुस्कान ही पुलिसकर्मियों की सबसे बड़ी कमाई साबित हुई।
Q. बद्रीनाथ धाम में किसका पर्स खो गया था?
Q. पर्स में कितनी नकदी थी?
Q. पर्स किसने वापस लौटाया?
Q. घटना कहां की है?
Q. श्रद्धालु की प्रतिक्रिया क्या रही?
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