देहरादून। ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को कथित फर्जी ऑडियो-वीडियो तैयार कर राजनीतिक व्यक्तियों की छवि धूमिल करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 जनवरी 2026 को कोतवाली डालनवाला में दुष्यंत कुमार गौतम की ओर से तहरीर दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने कुछ राजनीतिक दलों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से कथित रूप से झूठे ऑडियो
और वीडियो तैयार किए तथा उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
तहरीर के आधार पर कोतवाली डालनवाला में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा की गई विवेचना के दौरान एकत्रित साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गईं।
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पुलिस के अनुसार, 14 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर सुरेश राठौर को बिहारीगढ़ फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार सुद्धोवाला भेजने के आदेश दिए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकरण से संबंधित मुकदमे विभिन्न स्थानों पर दर्ज किए गए थे, जिन्हें बाद में न्यायालय के निर्देशानुसार दो स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों में चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न वर्गों के लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, अंकिता हत्याकांड से जुड़े मामलों की जांच को भी शीघ्र पूरा कर दोषियों को दंडित करने की मांग उठ रही है।
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